मुरादाबाद के किसान दीपक मेहंदीरत्ता ने 2003 में नौकरी छोड़कर एक इंटीग्रेटेड एग्री-बिजनेस मॉडल खड़ा किया, जो आज कई किसानों के लिए प्रेरणा बन चुका है। सिर्फ 70 फीट के डबल-टियर पोल्ट्री मॉडल में 200 तक मुर्गियां पालकर वे अंडे और पक्षियों से अच्छी कमाई कर रहे हैं। गौशाला में गिर, साहीवाल और राठी नस्ल की गायों से A2 दूध और ₹2000–2500/किलो तक बिकने वाला देसी घी तैयार होता है। गोबर से बायोगैस और स्लरी से वर्मीकम्पोस्ट बनाकर लागत घटाई जा रही है, जबकि सोलर आधारित ऑटोमैटिक प्लांट से जीवामृत और जैविक कीटनाशक तैयार होते हैं। मान्यता प्राप्त ट्रेनिंग सेंटर के जरिए अब तक 110 बैचों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जहां उत्तर प्रदेश के कई जिलों से किसान सीखने पहुंचते हैं।
HIGHLIGHTS
70 फीट में डबल-टियर मॉडल, 200 मुर्गियां आसानी से पाली जाती हैं
कड़कनाथ जैसी उन्नत नस्ल, साल में 110 अंडे देती हैं मुर्गियां
शुद्ध A2 दूध और देसी घी ₹2000–2500/किलो
गोबर से बायोगैस, स्लरी से वर्मीकम्पोस्ट तैयार
सोलर और ऑटोमैटिक प्लांट से जैविक कीटनाशक और जीवामृत बनता है
उत्तर प्रदेश से किसान सीखने आते हैं, 110 बैचों को ट्रेनिंग दी गई