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Tea Imports: भारत में बढ़ा विदेशी चाय का आयात, गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सरकार ने सख्त किए नियम

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 18 Mar 2026 12:37 PM IST
सार

नए नियमों के तहत, आयातित चाय को भारत की जीआई (Geographical Indication) टैग वाली चाय के साथ मिलाकर नहीं बेचा जा सकता। यदि ऐसा किया जाता है, तो उसे GI चाय के रूप में नहीं बेचा जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी पैकेट में विदेशी चाय का मिश्रण है, तो उसकी जानकारी स्पष्ट रूप से पैकेट पर देना अनिवार्य होगा।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : गांव जंक्शन

विस्तार

भारत में चाय का सेवन लंबे समय से संस्कृति का हिस्सा रहा है, लेकिन अब देश में विदेशी चाय का आयात तेजी से बढ़ रहा है। संसद में दी गई ताजा जानकारी के अनुसार, साल 2024-25 में भारत ने करीब 50.14 मिलियन किलो चाय आयात की, जो पिछले वर्ष 2023-24 के 25.21 मिलियन किलो की तुलना में लगभग दोगुना है। यह आंकड़े इस बात की ओर इशारा करते हैं कि देश में विदेशी चाय की मांग लगातार बढ़ रही है।

केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि 2025-26 के पहले 10 महीनों (अप्रैल से जनवरी) के दौरान भी 33.55 मिलियन किलो चाय का आयात किया जा चुका है। इस बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए सरकार और टी बोर्ड ऑफ इंडिया ने सख्त नियम लागू किए हैं, ताकि भारतीय चाय की गुणवत्ता और पहचान बनी रहे।

नए नियमों के तहत, आयातित चाय को भारत की जीआई (Geographical Indication) टैग वाली चाय के साथ मिलाकर नहीं बेचा जा सकता। यदि ऐसा किया जाता है, तो उसे GI चाय के रूप में नहीं बेचा जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी पैकेट में विदेशी चाय का मिश्रण है, तो उसकी जानकारी स्पष्ट रूप से पैकेट पर देना अनिवार्य होगा। साथ ही, यह भी बताना होगा कि चाय किस देश से आयात की गई है।

सरकार ने आयात-निर्यात प्रक्रिया को भी नियंत्रित किया है। अब व्यापारियों को टी बोर्ड के पोर्टल से पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा। इतना ही नहीं, चाय आयात करने के 24 घंटे के भीतर यह बताना भी अनिवार्य किया गया है कि उसे कहां संग्रहित किया गया है। इन नियमों का उद्देश्य भारतीय चाय की विश्वसनीयता और गुणवत्ता को बनाए रखना है। सरकार चाहती है कि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिले और वे असली भारतीय चाय और मिश्रित चाय के बीच अंतर समझ सकें।