9 साल की कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर अमरोहा के किसान संदीप सिंह ने जैविक खेती का ऐसा मॉडल तैयार किया है, जो कम लागत में शानदार मुनाफा दे रहा है। वर्मीकंपोस्ट बेड के ऊपर बांस के ढांचे पर बेल वाली सब्जियां उगाकर उन्होंने एकीकृत खेती की मिसाल पेश की है, जहां खाद से सीधे पोषण मिलने के कारण यूरिया और कीटनाशकों की जरूरत लगभग खत्म हो जाती है।
सिर्फ 1 एकड़ के सेटअप से 6 महीनों में 8–10 लाख रुपये तक का टर्नओवर संभव है। अमरूद और सब्जियों का कॉम्बिनेशन, कस्टमाइज्ड वर्मीकंपोस्ट और जैविक तकनीकों ने इस मॉडल को बेहद सफल बना दिया है। शुद्ध उत्पादों की वजह से ग्राहक खुद खेत तक पहुंचते हैं। जानिए कैसे यह मॉडल किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत विकल्प बन सकता है।