उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के भीखनपुर गांव के किसान राकेश ने विदेशी सब्जियों की खेती से अपनी किस्मत बदल दी। मंडल स्तरीय प्रदर्शनी से मिला ब्रोकली उगाने का आइडिया आज उन्हें दोगुना मुनाफा दे रहा है, जहां फिरोजाबाद शहर में रोज करीब 2 क्विंटल ब्रोकली बिक जाती है। शुरुआती घाटे और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने ब्रोकली के साथ बोक चॉय, चाइनीज कैबेज और सेंगरी जैसी हाई-वैल्यू फसलों का सफल मॉडल तैयार किया।
2007 से रसायन मुक्त खेती कर रहे राकेश को 2024 में उत्कृष्ट फसलों के लिए प्रथम पुरस्कार भी मिला। 5–7 एकड़ में फैली खेती में सब्जियों के साथ सरसों और गेहूं का भी बंपर उत्पादन हो रहा है। विदेशी सब्जियों की बढ़ती मांग ने उनकी आय को नई ऊंचाई दी है, जिससे यह मॉडल आज कई किसानों के लिए प्रेरणा बन चुका है।
HIGHLIGHTS
ब्रोकली से बदली किस्मत, विदेशी सब्जियों से दोगुना मुनाफा
घाटे से शुरुआत, आज रोज बिकती है 2 क्विंटल ब्रोकली
ब्रोकली के साथ बोक चॉय और चाइनीज कैबेज का सफल मॉडल
2007 से रसायन मुक्त खेती, 2024 में मिला प्रथम पुरस्कार
सेंगरी 200 रुपये/किलो, बाजार में जबरदस्त मांग
सब्जियों के साथ सरसों-गेहूं से भी बंपर उत्पादन