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योगी सरकार का सूर्य सखी मॉडल : गांव-गांव को सौर ऊर्जा से रोशन करेंगी एक लाख 'सूर्य सखियां'

गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ Published by: Umashankar Mishra Updated Tue, 26 Aug 2025 07:52 PM IST
सार

योगी सरकार एक लाख सूर्य सखियों के जरिए गांव-गांव तक सौर ऊर्जा पहुंचाएगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण और स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिलेगा। डीईडब्ल्यूईई कार्यक्रम के तहत वर्ष 2030 तक डीआरई को बढ़ावा देने की योजना है, जिसमें कई विशेषज्ञ और संस्थाएं सहयोग करेंगी।  

यूपी में तैनात की जाएंगी एक लाख सूर्य सखियां, महिलाओं को मिलेंगे कमाई के अवसर, सौर ऊर्जा से रोशन होंगे गांव।
यूपी में तैनात की जाएंगी एक लाख सूर्य सखियां, महिलाओं को मिलेंगे कमाई के अवसर, सौर ऊर्जा से रोशन होंगे गांव। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

योगी सरकार एक अनोखी पहल के साथ ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी कर रही है। अब एक लाख सूर्य सखियां गांव-गांव तक सौर ऊर्जा की रोशनी पहुंचाएंगी। सीएम योगी के निर्देश पर यूपी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (यूपीएसआरएलएम) ने डीईडब्ल्यूईई (Decentralized Energy for Women’s Economic Empowerment) कार्यक्रम की शुरुआत की है, जो बुधवार को लखनऊ में आयोजित होगा।

डीईडब्ल्यूईई (Decentralized Energy for Women’s Economic Empowerment) कार्यक्रम का मकसद वर्ष 2030 तक एक लाख महिला नेतृत्व वाले उद्यमों तक डीआरई (Decentralized Renewable Energy) को पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण इलाकों में स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक मजबूती आए। 

सौर ऊर्जा से महिलाओं को नई ताकत
इस कार्यक्रम में महिलाओं को सोलर पैनल इंस्टालेशन, लाइटिंग, और ईवी चार्जिंग जैसे कामों से जोड़ा जाएगा। यूपीएसआरएलएम की निदेशक दीपा रंजन का कहना है कि सीएम योगी के मार्गदर्शन में यह कदम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम है। वे कहती हैं, "जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो समाज में समृद्धि आएगी।" डीआरई के जरिए ऑफ-ग्रिड ऊर्जा समाधान लाकर उन इलाकों तक बिजली पहुंचाई जाएगी, जहां पारंपरिक विद्युत नेटवर्क नहीं है। इससे महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा सकती हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा का प्रचार भी कर सकती हैं। 

विशेषज्ञों का सहयोग और बड़ा लक्ष्य
बुधवार के कार्यक्रम में देश-विदेश के सौर ऊर्जा विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे, जो डीआरई को जमीन पर उतारने की रणनीति बनाएंगे। इसमें पीसीआई इंडिया, एचसीबीसी, ग्लोबल एनर्जी एलायंस, गेट्स फाउंडेशन, और प्रेरणा ओजस जैसी संस्थाएं 20 जिलों में इस पहल को मजबूत करेंगी। इनके सहयोग से एक समावेशी सौर ऊर्जा तंत्र तैयार होगा। 

कार्यक्रम में यूपीएसआरएलएम की दीपा रंजन, ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी, यूपीनेडा के इंद्रजीत सिंह, एमएसएमई आयुक्त कानुपर केवी पांडियन, अपर मुख्य सचिव हिमांशु कुमार, और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के जीवन कुमार जेठानी समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद रहेंगे।  

गांवों में उजाला और आजीविका के अवसर
इस पहल से दूर-दराज के गांवों में सौर ऊर्जा से घर और समुदाय रोशन होंगे। महिलाएं सौर समाधानों की स्थापना, रखरखाव, और मरम्मत कर सकेंगी, साथ ही छोटे उद्यम भी शुरू कर सकेंगी। इससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी और समाज में उनकी भूमिका मजबूत होगी। योगी सरकार का सपना है कि यह कदम न केवल ऊर्जा क्रांति लाए, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को नई पहचान भी दे।