Home Urja Up Govt Approves Installation Of 40521 Solar Pumps Clears Sap For Sugarcane For 2025 26 Crushing Season

सीएम योगी का बड़ा फैसला: किसानों के हक में सरकार ने उठाया ये नया कदम, सिंचाई का झंझट हो जाएगा खत्म

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Sun, 16 Nov 2025 02:08 PM IST
सार

योगी सरकार के इन फैसलों से किसानों की सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, उत्पादन लागत घटेगी और कृषि क्षेत्र में स्थायी ऊर्जा का प्रसार होगा। गन्ना कीमतों को मंजूरी मिलने से लाखों किसानों को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी। यह कदम सरकार की किसान-केंद्रित नीतियों को और मजबूत करता है।

योगी सरकार का किसानों को तोहफा
योगी सरकार का किसानों को तोहफा - फोटो : गांव जंक्शन

विस्तार

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को सिंचाई के लिए ऊर्जा का सुरक्षित, सस्ता और टिकाऊ विकल्प देने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। योगी कैबिनेट ने राज्यभर में 40,521 सोलर पंप लगाने की मंजूरी देकर न केवल सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया है, बल्कि पीएम-कुसुम योजना के अधूरे लक्ष्यों को भी नए वित्तीय वर्ष में पूरा करने का निर्णय लिया है। इससे लाखों किसानों को डीजल और बिजली की निर्भरता से राहत मिलेगी, जबकि कृषि लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। इसी के साथ सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए पेराई सत्र 2025-26 के लिए घोषित राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) को भी कैबिनेट की स्वीकृति दे दी है।

राज्य में लगेंगे 40,521 नए सोलर पंप, किसान देंगे केवल 40% राशि
कैबिनेट के फैसले के अनुसार वर्ष 2025-26 में किसानों के खेतों पर कुल 40,521 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इन पंपों की लागत पर सरकार 60% अनुदान देगी, जबकि 40% राशि किसान को वहन करनी होगी।
  • लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा।
  • आवेदन करते समय किसानों को 5,000 रुपये टोकन मनी जमा करनी होगी।
  • जिलावार लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे।
  • कैबिनेट ने यह भी तय किया कि वर्ष 2024-25 में अधूरे रह गए लक्ष्य मौजूदा वित्तीय वर्ष में शामिल कर पूरे किए जाएंगे।

पीएम-कुसुम योजना के अधूरे लक्ष्य अब 2025-26 में पूरे होंगे
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) के तहत वर्ष 2020-21 से मार्च 2025 तक 63,345 सोलर पंप स्थापित किए जा चुके हैं। इससे 1.49 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन हुआ। हर वर्ष 5483.98 लाख यूनिट बिजली की बचत हुई। 1.26 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई। 877.50 लाख लीटर डीजल प्रति वर्ष की बचत हो रही है। अब वर्ष 2025-26 में 40,521 नए सोलर पंप लगाए जाएंगे। इनकी स्थापना से सिंचाई के लिए बिजली और डीजल पर निर्भरता लगभग समाप्त होने की उम्मीद है।

गन्ना किसानों को राहत: पेराई सत्र 2025-26 के लिए SAP को मंजूरी
कैबिनेट ने गन्ने के राज्य परामर्शित मूल्य (SAP) को औपचारिक मंजूरी दे दी है। नए सत्र में गन्ने की कीमतें निम्नानुसार होंगी—
  • अगेती प्रजाति: ₹400 प्रति कुंतल
  • सामान्य प्रजाति: ₹390 प्रति कुंतल
  • अनुपयुक्त प्रजाति: ₹355 प्रति कुंतल

गन्ना परिवहन के लिए ढुलाई कटौती दर
60 पैसे प्रति कुंतल प्रति किमी, अधिकतम ₹12 प्रति कुंतल

गन्ना समितियों और परिषदों के लिए अंशदान
  • ₹5.50 प्रति कुंतल निर्धारित
  • गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि SAP के आधार पर किसानों को उचित और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

सोलर पंप किसानों को कैसे लाभ देंगे?
  • खेतों में सिंचाई निर्बाध और मुफ्त होगी।
  • डीजल खरीदने की जरूरत नहीं, खर्च शून्य।
  • बिजली कटौती से निजात।
  • पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
  • लंबे समय तक रखरखाव लागत बेहद कम।