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Rural Tourism Yogi Govt To Make Villages Tourist Destination 234 Villages Will Become Tourism Hubs Homestay
RURAL TOURISM: गांवों को टूरिज्म का ठिकाना बनाएगी योगी सरकार, 234 गांव बनेंगे टूरिज्म हब, 750 होमस्टे तैयार
गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ
Published by: Umashankar Mishra
Updated Fri, 22 Aug 2025 04:47 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 234 गांवों को टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने और 750 से अधिक होमस्टे और फार्म स्टे को समर्थन देने की योजना बनाई है। लखनऊ में आयोजित रूरल टूरिज्म कॉन्क्लेव 2025 में इसकी रूपरेखा पेश की गई है।
यूपी सरकार ने 234 गांवों को टूरिज्म हब बनाने और 750 से ज्यादा फार्म स्टे व होमस्टे को समर्थन देने का प्लान बनाया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार गांवों को पर्यटन का नया ठिकाना बनाने के लिए जोर-शोर से काम कर रही है। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित रूरल टूरिज्म कॉन्क्लेव 2025 में इसकी रूपरेखा पेश की गई है। पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि गांव भारत की आत्मा हैं और अब दुनिया को हमारे गांवों की सादगी, संस्कृति और मेहमाननवाजी से रूबरू कराने का समय है। यूपी सरकार ने 234 गांवों को टूरिज्म हब बनाने और 750 से ज्यादा फार्म स्टे व होमस्टे को समर्थन देने का प्लान बनाया है।
गांवों की सैर, संस्कृति का स्वाद
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “हमारे भगवान राम से लेकर कृष्ण तक की कहानियां गांवों से शुरू होती हैं। गांवों की मिट्टी में भारत की संस्कृति बसी है। आज का पर्यटक सिर्फ स्मारकों को नहीं देखना चाहता, उसे गांव की रसोई का स्वाद, वहां की सादगी, और आतिथ्य का अनुभव चाहिए।” उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीण पर्यटन न केवल किसानों और स्थानीय लोगों की आय बढ़ाएगा, बल्कि महिलाओं को सशक्त करने और पर्यावरण को बचाने में भी मदद करेगा। उन्होंने इसे 'विकसित भारत @2047' के सपने को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
यूपी के 234 गांव बनेंगे टूरिज्म हब
पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि सरकार ने 234 गांवों को टूरिज्म हब के रूप में चुना है। इन गांवों को आर्थिक मदद और सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने कहा, “शहरों में कंक्रीट के जंगल में पले-बढ़े बच्चे गांवों की सैर को उत्सुक हैं। यह उनके लिए अपनी संस्कृति से जुड़ने का मौका है।”
जागरूकता और निवेश पर फोकस
कॉन्क्लेव में प्राकृतिक खेती, कृषि पर्यटन मॉडल, निवेश, और टिकाऊ विकास पर विशेषज्ञों की चर्चा हुई। यह बात सामने आई कि ग्रामीण पर्यटन न केवल संस्कृति को बढ़ावा देगा, बल्कि स्थानीय हस्तशिल्प और रोजगार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसके बाद एक FAM ट्रिप की योजना बनाई गई है, जिसमें लोग चुनिंदा गांवों की सैर करेंगे। इस दौरान फार्म स्टे, स्थानीय हस्तशिल्प, और गांव की मेहमाननवाजी को देखने का मौका मिलेगा।
गांवों में आएगी समृद्धि की नई लहर
योगी सरकार की यह पहल उत्तर प्रदेश के गांवों में समृद्धि की नई लहर लाने वाली है। ग्रामीण पर्यटन से न केवल स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी, बल्कि महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनेंगी। यह पहल संस्कृति, समुदाय, और व्यापार को जोड़ने का एक शानदार मौका है। उत्तर प्रदेश को भारत का नंबर वन ग्रामीण पर्यटन स्थल बनाने का यह सपना जल्द ही हकीकत बन सकता है।
40 होमस्टे मालिकों का सम्मान
कॉन्क्लेव में 40 से ज्यादा फार्म स्टे और होमस्टे मालिकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने ग्रामीण पर्यटन को नया आयाम दिया है। इन लोगों ने गांवों में मेहमानों को घर जैसा अनुभव देकर उत्तर प्रदेश को पर्यटन के नक्शे पर चमकाया है। इस मौके पर एमएलसी धर्मेंद्र सिंह, पद्मश्री किसान राम शरण वर्मा, सहकारिता रजिस्ट्रार योगेश कुमार, इको टूरिज्म निदेशक प्रखर मिश्रा और पर्यावरणविद अन्नादानी मल्लिगावड़ जैसे लोग मौजूद थे।
इस अवसर पर मौजूद बागवानी विभाग के प्रधान सचिव बी.एल. मीना ने रेशम खेती और कृषि पर्यटन को जोड़ने वाली योजनाओं के बारे में बताया। वहीं, विशेष सचिव, पर्यटन ईशा प्रिया ने स्थानीय समुदायों को जागरूक करने, प्रशिक्षण, और सब्सिडी देने की योजनाओं की जानकारी दी।
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