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Rural Tourism: यूपी के ग्रामीण पर्यटन मैप पर चमकेंगे संगम नगरी के ये गांव, बनेंगे होम स्टे, आएंगे पर्यटक
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Wed, 24 Sep 2025 02:36 PM IST
सार
संगम नगरी प्रयागराज के सिंगरौर, गढ़ कटरा और घूरपुर को पर्यटन गांवों के रूप में चुना गया है। इन गांवों का चयन उनकी विशिष्ट पहचान के आधार पर किया गया है, जिसमें धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पारंपरिक हस्तशिल्प या प्राकृतिक सौंदर्य शामिल हैं।
प्रयागराज : 2 यमुना और 1 गंगा पार गांवों का होगा विकास
- फोटो : AI Image
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विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर गांवों के विकास का प्रस्ताव रखा है। इस योजना के तहत पूरे राज्य में 234 गांवों को पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की परंपराओं, संस्कृति, लोक कला, हस्तशिल्प और प्राकृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।
प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह के अनुसार, संगम नगरी के सिंगरौर, गढ़ कटरा और घूरपुर को पर्यटन गांवों के रूप में चुना गया है। इन गांवों का चयन उनकी विशिष्ट पहचान के आधार पर किया गया है, जिसमें धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, पारंपरिक हस्तशिल्प या प्राकृतिक सौंदर्य शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना से न केवल ग्रामीण क्षेत्र पर्यटन मानचित्र पर उभरेंगे, बल्कि गांव की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इसके अतिरिक्त, प्रयागराज में साल भर पर्यटकों की आवाजाही बनाए रखने के लिए शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी विकसित किया जा रहा है।
पर्यटकों को विविध अनुभव देने के लिए पर्यटन स्थलों के अलावा होमस्टे, स्थानीय शिल्प और व्यंजन भी शामिल किए गए हैं। इन गांवों का विकास एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की देखरेख में किया जा रहा है। चुने गए तीन पर्यटन ग्रामों में से दो यमुना पार और एक गंगा पार स्थित है। प्रत्येक गांव में 10 होमस्टे बनाने की योजना है।
गढ़ कटरा में ऐतिहासिक गढ़वा किला और स्थानीय झरने पर्यटकों के अनुभव को समृद्ध करेंगे। घूरपुर में पर्यटक भीटा किला, सीता रसोई और सुजावन देव मंदिर का दौरा कर सकते हैं और यमुना में नौका विहार का आनंद ले सकते हैं। सिंगरौर पर्यटन ग्राम का रामायण सर्किट से संबंध है। यहां निषादराज किला, श्रृंगी ऋषि मंदिर और मां शांता मंदिर के साथ निषादराज पार्क, नाव संग्रहालय और कई वेलनेस सेंटर विकसित किए गए हैं। इस पहल के माध्यम से राज्य सरकार ग्रामीण संस्कृति और प्राकृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़कर गांवों की समृद्धि और स्थानीय रोजगार बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
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