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खीरा Export में नया रिकॉर्ड : 2025-26 में 3.14 लाख टन निर्यात, जर्मनी-रूस बने बड़े खरीदार, US में गिरावट

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 27 May 2026 09:21 AM IST
सार

भारत से खीरा का निर्यात bulk और bottled दोनों रूपों में किया जाता है। इसका उत्पादन और प्रोसेसिंग मुख्य रूप से कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में होता है। यह फसल कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल के तहत उगाई जाती है और घरेलू बाजार में इसकी मांग बेहद सीमित है, इसलिए अधिकांश उत्पादन निर्यात किया जाता है।

खीरा
खीरा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत के खीरे निर्यात ने 2025-26 में नया रिकॉर्ड बनाया है। निर्यात मात्रा में 8% की बढ़ोतरी के साथ यह 3.14 लाख टन तक पहुंच गया, जबकि कुल मूल्य 307.61 मिलियन डॉलर रहा। खास बात यह है कि यह ग्रोथ अमेरिका में गिरावट और यूरोप के कुछ बाजारों में सुस्ती के बावजूद दर्ज की गई है।

बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के खीरा निर्यात ने वित्त वर्ष 2025-26 में मूल्य और मात्रा दोनों के लिहाज से नया मुकाम हासिल किया। निर्यात का कुल मूल्य 307.61 मिलियन डॉलर रहा, जो पिछले साल के 306.72 मिलियन डॉलर से थोड़ा अधिक है। वहीं, निर्यात मात्रा में 8% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 2.89 लाख टन से बढ़कर 3.14 लाख टन पहुंच गई।

इंडियन घेरकिन एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जीएम विनोद के अनुसार, डॉलर और यूरो जैसी मुद्राओं में मजबूती के कारण निर्यात मूल्य में बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि, अमेरिका जो भारत का सबसे बड़ा खरीदार है, वहां टैरिफ विवाद के चलते शुरुआती दौर में निर्यात प्रभावित हुआ, लेकिन बाद में इसमें सुधार आया।

DGCIS के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका को खीरा निर्यात में 27% की गिरावट दर्ज की गई और यह 73.51 मिलियन डॉलर से घटकर 53.61 मिलियन डॉलर रह गया। मात्रा के लिहाज से भी निर्यात 23% घटकर 68,376 टन से 52,768 टन पर आ गया। वहीं, यूरोप के प्रमुख बाजार स्पेन और फ्रांस में भी मांग कमजोर रही, जिसका कारण वहां का उच्च घरेलू स्टॉक बताया गया है।

इसके विपरीत, जर्मनी, रूस, कनाडा और नीदरलैंड जैसे देशों ने भारत से gherkin की खरीद बढ़ाई है। जर्मनी, जो अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है, ने 35,070 टन खीरा आयात किया, जिसकी कीमत 40.09 मिलियन डॉलर रही। रूस तीसरे स्थान पर रहा, जहां निर्यात 43,627 टन तक पहुंच गया और इसका मूल्य 31.76 मिलियन डॉलर दर्ज किया गया।

भारत से खीरा का निर्यात bulk और bottled दोनों रूपों में किया जाता है। इसका उत्पादन और प्रोसेसिंग मुख्य रूप से कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में होता है। यह फसल कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल के तहत उगाई जाती है और घरेलू बाजार में इसकी मांग बेहद सीमित है, इसलिए अधिकांश उत्पादन निर्यात किया जाता है।