Home Khabar Junction E Nam Brings 1656 Agricultural Markets On One Platform Benefits Worth 4 82 Lakh Crore To 18 Million Farmers

e-NAM से बदली तस्वीर : 1656 कृषि मंडियां एक प्लेटफॉर्म पर, 1.80 करोड़ किसानों को ₹4.82 लाख करोड़ का लाभ

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 18 Mar 2026 09:49 AM IST
सार

e-NAM किसानों को ऑनलाइन बोली प्रणाली के जरिए अपनी उपज बेचने की सुविधा देता है। इससे उन्हें अधिक प्रतिस्पर्धी कीमत मिलती है और भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर होता है। इससे बिचौलियों की भूमिका भी कम हुई है।
 

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश में कृषि विपणन को डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई राष्ट्रीय कृषि बाजार (e-NAM) योजना ने किसानों की आय बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है। 2016 में शुरू हुए इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से अब तक 1.80 करोड़ से अधिक किसान जुड़ चुके हैं और कुल 4.82 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार दर्ज किया गया है।

कृषि मंत्रालय के अनुसार, e-NAM के तहत 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की 1,656 मंडियों को एकीकृत किया गया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसान देशभर के खरीदारों तक अपनी उपज पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उन्हें बेहतर कीमत मिल रही है।

किसान और व्यापारियों की बड़ी भागीदारी
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने लोकसभा में बताया कि 28 फरवरी 2026 तक e-NAM पोर्टल पर 1.80 करोड़ किसान, 2.72 लाख व्यापारी और 4,724 किसान उत्पादक संगठन (FPOs) पंजीकृत हो चुके हैं। अब तक इस प्लेटफॉर्म पर 13.22 करोड़ मीट्रिक टन कृषि उत्पादों का व्यापार हो चुका है।

पारदर्शी ऑनलाइन बोली से बेहतर दाम
e-NAM किसानों को ऑनलाइन बोली प्रणाली के जरिए अपनी उपज बेचने की सुविधा देता है। इससे उन्हें अधिक प्रतिस्पर्धी कीमत मिलती है और भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर होता है। इससे बिचौलियों की भूमिका भी कम हुई है।

AI तकनीक से गुणवत्ता जांच
राजस्थान की 134 e-NAM मंडियों में अब AI और मशीन लर्निंग आधारित मशीनों से फसलों की गुणवत्ता जांच की जा रही है। इससे परीक्षण का समय कम हुआ है और पारदर्शिता बढ़ी है। e-NAM योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों को प्रति मंडी 75 लाख रुपये तक की सहायता देती है। इसमें गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाएं, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और सफाई सुविधाएं शामिल हैं। 

राज्यों में तेजी से बढ़ता दायरा
तमिलनाडु (213), महाराष्ट्र (181), राजस्थान (173), उत्तर प्रदेश (162) और पंजाब (156) जैसे राज्यों में बड़ी संख्या में मंडियां e-NAM से जुड़ी हैं, जिससे कृषि व्यापार का दायरा लगातार बढ़ रहा है। e-NAM योजना ने कृषि बाजार को डिजिटल, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाकर किसानों को सशक्त किया है। इससे न केवल किसानों को बेहतर दाम मिल रहे हैं, बल्कि देश में कृषि व्यापार की दिशा भी तेजी से बदल रही है।