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भारत में 132 कंप्रेस्ड बायो गैस प्लांट : ...और अधिक लगाए जाएंगे CBG Plant- हरदीप सिंह पुरी

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 03 Jan 2026 06:41 PM IST
सार

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया है कि भारत में अब 132 कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित हो चुके हैं। इन प्लांटों की कुल उत्पादन क्षमता 920 टन प्रतिदिन है। यह जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर साझा की।
 

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कढ़ी में देश में कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि भारत में अब 132 CBG प्लांट स्थापित हो चुके हैं, जो जैविक कचरे और कृषि अवशेषों से ईंधन बनाकर पर्यावरण संरक्षण, किसानों की आय बढ़ाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो चीजें पहले कचरा मानी जाती थीं, आज वही देश की प्रगति को ऊर्जा दे रही हैं। उन्होंने बताया कि सैटैट (SATAT) योजना के तहत आने वाले समय में और अधिक CBG प्लांट लगाए जाएंगे। इस योजना के जरिए खेतों के अवशेष और जैविक कचरे से स्वच्छ ईंधन बनाया जा रहा है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और प्रदूषण भी कम होगा।

SATAT योजना की शुरुआत 1 अक्टूबर 2018 को की गई थी। इसका उद्देश्य देश में बायो गैस उत्पादन का मजबूत ढांचा तैयार करना है। इस योजना के तहत इंडियन ऑयल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, गेल और आईजीएल जैसी सरकारी कंपनियों ने उद्यमियों से CBG खरीदने के लिए रुचि पत्र (EOI) आमंत्रित किए हैं।

ऊर्जा क्षेत्र में एक और बड़ी पहल के तहत भारत ने तेल, गैस और कोल बेड मीथेन से जुड़े 50 नए खोज एवं उत्पादन ब्लॉक भी पेश किए हैं। मंत्री पुरी ने बताया कि यह कदम देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में अहम है। उन्होंने कहा कि ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP) के तहत 25 ब्लॉक, डिस्कवर्ड स्मॉल फील्ड (DSF) के तहत 55 क्षेत्र और कोल बेड मीथेन के लिए विशेष बोली दौर लाए गए हैं।

इन परियोजनाओं में निवेशकों को कई तरह की छूट और सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि उत्पादन तेजी से बढ़ाया जा सके। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, नए कानून और नीतियों से ऊर्जा क्षेत्र में कारोबार करना आसान होगा और भारत स्वच्छ व आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।