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Hindi Diwas Gets New Flight Digital Age World Largest Hindi Dictionary Being Made
हिंदी दिवस : डिजिटल युग में हिंदी को नई उड़ान, बन रहा दुनिया का सबसे बड़ा शब्दकोश
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Sat, 13 Sep 2025 12:53 PM IST
सार
सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक यह विशाल शब्दकोश डिजिटल रूप में तैयार होकर आम जनता और संस्थानों के लिए उपलब्ध हो जाए। इसके माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, मोबाइल एप्स, वेबसाइट्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित टूल्स में हिंदी का प्रयोग और अधिक आसान, सटीक व प्रभावी हो सकेगा।
डिजिटल युग में हिंदी को नई उड़ान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत में यूं तो कई भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन देश की राष्टभाषा हिंदी हमें एक सूत्र में बांधने का काम करती है। हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस बीच दुनिया तेजी से डिजिटल हो रही है और इंटरनेट क्रांति के बाद इसमें और भी तेजी आई है। इस बहुभाषी डिजिटल दुनिया में अब हिंदी को मजबूत आधार देने की दिशा में भारत सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत सरकार ‘हिंदी शब्द सिंधु’ नामक दुनिया का सबसे बड़ा हिंदी शब्दकोश तैयार कर रही है।
गृह मंत्री अमित शाह ने 2024 में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की घोषणा की थी। सरकार का लक्ष्य है कि 2029 तक यह विशाल शब्दकोश डिजिटल रूप में तैयार होकर आम जनता और संस्थानों के लिए उपलब्ध हो जाए। इसके माध्यम से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स, मोबाइल एप्स, वेबसाइट्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित टूल्स में हिंदी का प्रयोग और अधिक आसान, सटीक व प्रभावी हो सकेगा।
AI आधारित हिंदी टूल्स
‘हिंदी शब्द सिंधु’ के साथ-साथ केंद्र सरकार अन्य AI-सक्षम हिंदी टूल्स भी विकसित करवा रही है। इनमें कंठस्थ 2.0 जैसे आधुनिक भाषा तकनीकी प्लेटफॉर्म शामिल हैं, जो हिंदी में वॉयस टाइपिंग, ऑटो ट्रांसलेशन, स्पीच-टू-टेक्स्ट और चैटबॉट संवाद जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगे। राजभाषा विभाग के अनुसार, हिंदी टाइपिंग, स्टेनोग्राफी और भाषा प्रशिक्षण अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे युवा आसानी से डिजिटल माध्यमों से हिंदी में दक्षता हासिल कर सकेंगे।
युवाओं के लिए नए रोजगार और स्किल के अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल न केवल सरकारी दफ्तरों में हिंदी में कामकाज को सशक्त बनाएगी, बल्कि युवाओं के लिए नए रोजगार और उद्यमिता अवसर भी लेकर आएगी। हिंदी टाइपिंग, ट्रांसलेशन, कंटेंट क्रिएशन, डिजिटल मार्केटिंग, टेक्निकल राइटिंग और लोकलाइजेशन जैसे क्षेत्रों में हिंदी विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ेगी। जो युवा हिंदी भाषा के साथ-साथ डिजिटल टूल्स और AI तकनीक में दक्षता हासिल करेंगे, वे भविष्य के सबसे अधिक मांग वाले प्रोफेशनल बन सकते हैं।
वैश्विक मंच पर नई पहचान
भारत सरकार की यह योजना न केवल हिंदी को वैश्विक मंच पर नई पहचान देगी, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था में सक्रिय भागीदारी और रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी ‘हिंदी शब्द सिंधु’ और AI आधारित टूल्स आने वाले समय में हिंदी को तकनीक और नवाचार की भाषा बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
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