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उत्तर भारत में सर्दी अपने चरम पर पहुंचती दिख रही है। पश्चिमी हिमालय से लेकर मैदानी राज्यों तक शीतलहर, बर्फबारी, घना कोहरा और गिरते तापमान ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। पहाड़ों में तापमान शून्य से नीचे जाने के कारण जलस्रोत जम रहे हैं, जबकि मैदानी इलाकों में बर्फीली हवाओं के साथ प्रदूषण ने ठंड की मार को और बढ़ा दिया है। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल राहत के आसार कम हैं और आने वाले दिनों में ठंड का असर बना रह सकता है।
पहाड़ों में बर्फबारी, माइनस में तापमान
जम्मू-कश्मीर समेत पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बर्फबारी हो रही है। उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 8.8 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। बर्फबारी के चलते नदियां, नाले और जलस्रोत जमने लगे हैं।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भी हालात बेहद सख्त हैं। लाहौल-स्पीति जिले के ताबो में रात का तापमान माइनस 10.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। रोहतांग दर्रा और अटल टनल के आसपास बर्फबारी दर्ज की गई है। कल्पा, कुकुमसरी और नारकंडा जैसे क्षेत्रों में भी पारा जमाव बिंदु से नीचे बना हुआ है।
उत्तराखंड में केदारनाथ, बदरीनाथ समेत ऊंची चोटियां बर्फ की चादर से ढकी हुई हैं। इन इलाकों में तापमान शून्य से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया जा रहा है।
दिल्ली-NCR में ठंडी हवाओं का असर
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सर्द हवाओं ने ठंड की तीव्रता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक तेज और गलन भरी हवाएं चलने की संभावना है। सुबह के समय मध्यम कोहरा वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 18.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया। रिज क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री, आया नगर में 6.6, लोधी रोड में 7.2 और पालम में 7.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आर्द्रता का स्तर भी ऊंचा रहा, जिससे ठंड का असर ज्यादा महसूस किया गया।
6 से 11 जनवरी तक मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार 6, 7 और 8 जनवरी को दिल्ली में आसमान साफ रहने की संभावना है, हालांकि सुबह के समय हल्का से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। 6 और 7 जनवरी को दोपहर के वक्त 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं। 8 जनवरी को भी सर्द हवाओं के साथ कोहरा बने रहने का अनुमान है, जबकि 9 से 11 जनवरी के बीच आंशिक बादल देखने को मिल सकते हैं।
प्रदूषण ने बढ़ाई मुश्किल
ठंड के साथ-साथ प्रदूषण ने भी दिल्ली-NCR में परेशानी बढ़ा दी है। सोमवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 244 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। एनसीआर में गाजियाबाद सबसे अधिक प्रदूषित रहा, जहां एक्यूआई 262 रिकॉर्ड किया गया। नोएडा में 260, ग्रेटर नोएडा में 236 और गुरुग्राम में 240 एक्यूआई दर्ज हुआ। फरीदाबाद की हवा अपेक्षाकृत बेहतर रही, जहां एक्यूआई 185 के साथ संतोषजनक श्रेणी में दर्ज किया गया। प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी सबसे अधिक रही, इसके बाद उद्योग और आवासीय क्षेत्रों का योगदान रहा।
मैदानी राज्यों में भी शीतलहर
मैदानी इलाकों में भी ठंड ने जोर पकड़ लिया है।
- हरियाणा के नारनौल में न्यूनतम तापमान 3.0 डिग्री
- पंजाब के बठिंडा और फरीदकोट में 4.5 डिग्री
- राजस्थान के वनस्थली में 4.1 डिग्री
- झारखंड के लोहरदागा में 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
यूपी में स्कूलों की छुट्टी को लेकर नया अपडेट
यूपी में पड़ रही प्रचंड सर्दी के बीच शासन द्वारा स्कूलों के खोलने संबंधी आदेश आ गया है। लखनऊ के जिलाधिकारी ने आठ जनवरी तक प्री प्राइमरी से लेकर आठवीं तक के बच्चों के स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह आदेश सभी तरह के बोर्ड के साथ सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों को लेकर है। हालांकि लखनऊ सहित पूरे प्रदेश के बेसिक स्कूल 14 जनवरी तक पूरी तरह से बंद हैं। यह आदेश निजी स्कूलों के लिए भी लागू होगा। बेसिक स्कूलों में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश उनके शैक्षिक कैलेंडर में शामिल होता है।
माध्यमिक स्कूलों में अवकाश नहीं बढ़ाया गया है। सीएम योगी द्वारा पांच जनवरी तक अवकाश की घोषणा की गई थी। अवकाश न बढ़ाए जाने का मतलब है कि माध्यमिक स्कूल छह जनवरी से खुल जाएंगे। हालांकि पूर्व में आए आदेश की वजह से यह स्कूल सुबह दस बजे से शाम तीन बजे तक खुले रहेंगे। पहले प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों का समय सुबह साढ़े नौ से शाम साढ़े तीन बजे तक था। सर्दी को देखते हुए इसे एक घंटा कम किया गया है।
सर्दी या मौसम से जुड़े अवकाश तो तरह के होते हैं। एक जिनकी घोषणा राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री करते हैं। यह पूरे प्रदेश में सामान्य रूप से प्रभावी होते हैं। दूसरे तरह का अवकाश उस जिले की स्थिति को देखकर जिलाधिकारी, बीएसए और जिला विद्यालय निरीक्षक करते हैं। यह सिर्फ उसी जिले में लागू होता है। कक्षा नौ से 12 तक के स्कूलों के बंद होने से जुड़ा अभी तक कोई आदेश नहीं आया है।