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मार्गशीर्ष मास 2025: सबसे पवित्र महीना, सतयुग की हुई थी शुरुआत, जानिए शुभता और तिथि

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 05 Nov 2025 02:55 PM IST
सार

मार्गशीर्ष मास को धार्मिक आचरण, भक्ति और दान का महीना कहा गया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस महीने में सात्विकता और श्रद्धा के साथ भगवान की उपासना करता है, उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है।

मार्गशीर्ष मास 2025: सबसे पवित्र महीना
मार्गशीर्ष मास 2025: सबसे पवित्र महीना - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हिंदू पंचांग का नौवां महीना मार्गशीर्ष मास धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना गया है। इसे अग्रहायण या अगहन मास भी कहा जाता है। इस महीने का नाम पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की स्थिति वाले मृगशीर्ष नक्षत्र से लिया गया है। धर्मग्रंथों के अनुसार, यही वह महीना है जब सतयुग की शुरुआत हुई थी, इसलिए इसे वर्ष का सबसे शुभ मास माना जाता है।

मार्गशीर्ष मास का धार्मिक महत्व

मार्गशीर्ष मास में भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और देवी लक्ष्मी की पूजा का विशेष विधान है। श्रीकृष्ण ने स्वयं भगवद्गीता में कहा है — “मासानां मार्गशीर्षोऽहम्” अर्थात मैं महीनों में मार्गशीर्ष हूँ। इसीलिए यह महीना श्रीकृष्ण भक्ति के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इस दौरान पूजा-पाठ, व्रत और दान से शुभ फल प्राप्त होते हैं।

मार्गशीर्ष मास कब से कब तक रहेगा?

पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास की शुरुआत 6 नवंबर 2025 से होगी और इसका समापन 4 दिसंबर 2025 को होगा। इस पूरे महीने में स्नान, ध्यान, दान और सत्संग का विशेष महत्व रहेगा।

मार्गशीर्ष मास में क्या करें

  • प्रतिदिन विष्णुसहस्त्रनाम, भगवद्गीता और गजेन्द्रमोक्ष स्तोत्र का पाठ करें।
  • भगवान श्रीकृष्ण, श्रीहरि विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करें।
  • स्नान के बाद पितृ तर्पण और ब्राह्मण भोजन कराना शुभ होता है।
  • सात्विक जीवनशैली अपनाएँ और दूसरों की सहायता करें।
  • मार्गशीर्ष मास में क्या नहीं करना चाहिए
  • इस महीने मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और बासी भोजन से परहेज करें।
  • जीरा, मूली, बैंगन जैसी वस्तुओं का सेवन न करें।
  • सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना, नाखून काटना और झगड़ा करना वर्जित है।
  • आलस्य, गुस्सा, ईर्ष्या और अपमान जैसे नकारात्मक कर्मों से दूर रहें।