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छठ पूजा 2025: छठी मैया के 7 प्रिय फल, इनके बिना प्रसाद की टोकरी रह सकती है अधूरी, जानें क्या है महत्व

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: shreya singh Updated Sat, 25 Oct 2025 03:35 PM IST
सार

लोक आस्था और पवित्रता का महापर्व छठ, सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का चार दिवसीय पर्व है। दिवाली के तुरंत बाद शुरू होने वाले इस पर्व में प्रसाद की शुद्धता और सामग्री का विशेष महत्व होता है।नहाय-खाय से शुरू होकर, खरना के बाद भक्तजन जो टोकरी घाट पर ले जाते हैं, उसमें कुछ खास फलों को शामिल करना जरूरी माना जाता है। ये फल न केवल छठ मैया को प्रिय हैं, बल्कि इनकी पवित्रता भी इस व्रत के लिए अनिवार्य है। आइए जानते हैं प्रसाद की टोकरी में शामिल किए जाने वाले 7 सबसे शुभ और जरूरी फल।

छठ पूजा 2025
छठ पूजा 2025 - फोटो : गांव जंक्शन

विस्तार

दिवाली की जगमगाहट अभी थमी नहीं कि उत्तर और पूर्वी भारत में लोक आस्था, पवित्रता और प्रकृति की पूजा का महापर्व छठ दस्तक दे चुका है। यह चार दिवसीय त्योहार सूर्य देव और उनकी पत्नी छठी मैया की आराधना का प्रतीक है। इस पर्व की तैयारी दिवाली के बाद से ही शुरू हो जाती है। छठ पर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है और खरना के दिन से व्रत का आरंभ हो जाता है। अगले दिन, सूप और टोकरी में कई प्रकार के फल और पकवान लेकर भक्तजन घाट पर पहुंचते हैं। छठ मैया को जो प्रसाद चढ़ाया जाता है, उसकी पवित्रता ही व्रत का मूल है, इसलिए प्रसाद की टोकरी (सूप) में कुछ विशेष फल होना बहुत जरूरी माने गए हैं, जिनके बिना यह पर्व अधूरा रह सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं छठी मैया के 7 प्रिय फल और पूजा में उनका महत्व..
डाभ नींबू
डाभ नींबू - फोटो : गांव जंक्शन
डाभ नींबू 

डाभ नींबू छठ मैया के सबसे प्रिय फलों में से एक माना जाता है। यह नींबू सामान्य नींबू की अपेक्षा में काफी बड़ा होता है और अंदर से लाल रंग का होता है। इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके ऊपर की परत बेहद मोटी होती है, जिसके चलते पशु-पक्षी इसे झूठा नहीं कर पाते हैं और इसकी पवित्रता बनी रहती है। छठ पूजा के लिए डाभ नींबू लाना बेहद शुभ माना जाता है। इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट की भरपूर मात्रा होती है। डाभ नींबू शरीर को डीटॉक्स करने में भी मदद करता है और ये फाइबर से भरपूर होता है। इसका सेवन पाचन प्रक्रियो को बेहतर करता है। 
गन्ना
गन्ना - फोटो : गांव जंक्शन
गन्ना 

छठ पूजा के लिए गन्ना बहुत जरूरी है। कई स्थानों पर लोग गन्ने का घर अपने आंगन में बनाकर उसके नीचे छठी मैया की पूजा करते हैं, खासकर 'कोसी' भरने के समय। इसके लिए पत्ते वाले गन्ने बेहद जरूरी होते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से छठ मैय्या प्रसन्न होती हैं और उनकी कृपा से घर में सुख-शांति बनी रहती है। गन्ना भी सख्त होने के कारण पशु-पक्षी इसे जूठा नहीं कर पाते हैं, इसीलिए इसकी पवित्रता के चलते यह छठी मैया को प्रिय है।
केला
केला - फोटो : गांव जंक्शन
केला 

केला भी छठी मैया का प्रिय फल है। ऐसी मान्यता है कि केले में भगवान विष्णु का वास होता है, इसलिए इस फल को बेहद पवित्र माना गया है। छठ पर्व में इस फल को कच्चा तोड़कर घर पर ही पकाया जाता है, ताकि पशु-पक्षी इसे जूठा न कर पाएं और इसकी पवित्रता बनी रहे। छठ पर्व में केले को शामिल करने से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
नारियल
नारियल - फोटो : गांव जंक्शन
नारियल 

इस त्योहार में नारियल का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि नारियल देवी लक्ष्मी का स्वरूप है, ऐसे में इसे परम पवित्र फल कहा गया है। नारियल चढ़ाकर भक्त अपनी मनोकामना मांगते हैं और छठ पर्व में पवित्रता का अत्यधिक महत्व होने के कारण नारियल पूजा में शामिल करना अनिवार्य माना जाता है।
सिंघाड़ा
सिंघाड़ा - फोटो : गांव जंक्शन
सिंघाड़ा 

छठ पर्व की खरीदारी करते समय सिंघाड़ा जरूर खरीदकर लाना चाहिए। यह फल माता लक्ष्मी को बेहद प्रिय है और आयुर्वेद में भी इसे बहुत लाभकारी माना जाता है। जल में रहने वाले इस फल का छिलका बहुत सख्त होता है, जिससे पशु-पक्षी इसे जूठा नहीं कर पाते हैं। पवित्रता के कारण छठ मैय्या को सिंघाड़ा भी प्रिय है।
सुपारी
सुपारी - फोटो : गांव जंक्शन
सुपारी 

हिंदू धर्म में शुभ कार्यों में सुपारी का प्रयोग करने का खास महत्व होता है। पान और सुपारी के साथ ही पूजा का संकल्प लिया जाता है। सुपारी बहुत सख्त होती है जिसे देवी लक्ष्मी का प्रभाव माना जाता है। ऐसे में छठ पर्व में सुपारी भी महत्वपूर्ण होती है।
सुथनी
सुथनी - फोटो : गांव जंक्शन
सुथनी 

सुथनी एक ऐसा फल है जो मिट्टी से निकलता है। आयुर्वेद के अनुसार, यह फल कई बीमारियों से राहत दिलाता है। साथ ही, सुथनी को बहुत पवित्र और शुद्ध माना जाता है। यही कारण है कि छठ पूजा में इसका प्रयोग किया जाता है। छठ महापर्व में इन 7 फलों को जरूर शामिल करना चाहिए।