महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के एक किसान ने बुधवार को दावा किया कि भारी बारिश और बाढ़ से हुई फसल के नुकसान के लिए उन्हें सरकार से मुआवजे के तौर पर सिर्फ 6 रुपये मिले हैं। इस मामूली मुआवजे की रकम को किसान ने सरकार द्वारा किया गया एक बड़ा मजाक बताया है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के एक किसान ने बुधवार को दावा किया कि भारी बारिश और बाढ़ से हुई फसल के नुकसान के लिए उन्हें सरकार से मुआवजे के तौर पर सिर्फ 6 रुपये मिले हैं। इस मामूली मुआवजे की रकम को किसान ने सरकार द्वारा किया गया एक बड़ा मजाक बताया है।
"सरकार ने किसानों के साथ मजाक किया"
पैठण तालुका के डावरवाडी गांव के रहने वाले किसान दिगंबर सुधाकर तांगड़े ने अपनी व्यथा बताई। उन्होंने कहा कि मेरे पास सिर्फ दो एकड़ जमीन है। मुझे एक संदेश मिला कि मेरे बैंक खाते में 6 रुपये जमा किए गए हैं। उन्होंने इस पर निराशा जताते हुए कहा कि इतनी कम रकम देने के लिए सरकार को शर्म आनी चाहिए। यह रकम मेरे लिए एक कप चाय खरीदने के लिए भी काफी नहीं है। सरकार ने किसानों के साथ एक बड़ा मजाक किया है।
तांगड़े ने यह भी कहा कि किसान पिछले दो महीने से मुआवजे का इंतजार कर रहे थे और अब उन्हें इतनी अपमानजनक राशि भेजी जा रही है। उन्होंने ऋण माफी की मांग करते हुए कहा कि पिछली उद्धव ठाकरे सरकार ने कम से कम ऋण माफी तो दी थी।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह कोई अकेली घटना नहीं है। हाल ही में, अकोला जिले के कुछ किसानों ने भी केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भारी बारिश से हुए नुकसान के लिए 3 रुपये और 21 रुपये जैसी छोटी रकम मिलने का दावा किया था। उन्होंने इस सहायता को अपमानजनक और अपनी दुर्दशा का मजाक बताया था। इन किसानों ने बाद में जिला कलेक्टर कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया और चेक के माध्यम से ये राशि लौटा दी थी।
31,628 करोड़ रुपये के पैकेज का हुआ था एलान
गौर करने वाली बात है कि अगस्त-सितंबर में भारी बारिश और बाढ़ के कारण प्रदेश के कई हिस्सों, खासकर मराठवाड़ा क्षेत्र के किसानों को भारी फसल नुकसान हुआ था। बीते महीने ही राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए 31,628 करोड़ रुपये के मुआवजे के पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज में फसल क्षति, मिट्टी का कटाव, घायलों के अस्पताल में भर्ती होने, घरों, दुकानों और पशुशालाओं को हुए नुकसान के लिए मुआवजा शामिल था।