India-US Trade: ट्रंप टैरिफ से झींगा निर्यात 30% गिरा, लेकिन अमेरिका को भी लगा झटका, कीमतों में भारी इजाफा
गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा
Published by: Himanshu Mishra
Updated Thu, 28 Aug 2025 12:49 PM IST
सार
भारत हर साल दुनिया को करीब 60,000-62,000 करोड़ रुपये के समुद्री उत्पादों का निर्यात करता है। इसमें अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है।
झींगा
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 50 प्रतिशत आयात शुल्क का सबसे बड़ा असर झींगा कारोबार पर पड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले से भारत में झींगा उत्पादक और अमेरिका में इसके उपभोक्ता दोनों पर बराबर मार पड़ रही है।
अगस्त की शुरुआत में आए कार्यकारी आदेश के बाद से ही भारत में झींगा उत्पादकों को मिलने वाली कीमतें करीब 30 प्रतिशत तक गिर गईं। वहीं, अमेरिकी बाजार में बड़े आकार के प्रीमियम झींगे की कीमत सिर्फ दस दिनों में ही 10-11 डॉलर प्रति किलो से बढ़कर 15-16 डॉलर प्रति किलो हो गई है।
भारत में उत्पादक और अमेरिका में उपभोक्ता दोनों परेशान
इनक्रेड इक्विटीज के नितिन अवस्थी ने कहा, “मोटे तौर पर झींगा कारोबार के दोनों छोर यानी भारत में झींगा उत्पादक और अमेरिका में इसके उपभोक्ता ही ऊंचे शुल्कों की तपिश झेल रहे हैं।” भारत पर पहले से ही 25 प्रतिशत शुल्क था, जिस पर ट्रंप प्रशासन ने 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क और लगा दिया। नतीजतन, भारत में 50 से कम काउंट वाले झींगों की कीमत पहले 20 प्रतिशत गिरी और बाद में 10-20 प्रतिशत और नीचे आ गई।
झींगा निर्यात सीजन से पहले कीमतों में गिरावट
हालांकि बाजार जानकारों का कहना है कि झींगा उत्पादकों के लिए अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। वर्तमान समय झींगा निर्यात का मुख्य सीजन नहीं है। नवंबर और दिसंबर में क्रिसमस के आसपास जब झींगे की बड़ी खेप जाएगी, तब तक असर कुछ हद तक कम हो सकता है।
कंपाउंड लाइवस्टॉक फीड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (CLFMA) के चेयरमैन दिव्य कुमार गुलाटी ने कहा, “ज्यादातर झींगा उत्पादक अभी भंडारण कर रहे हैं। तालाबों में झींगे तैयार हो रहे हैं और मुख्य खेप नवंबर-दिसंबर में जाएगी। तब तक बाजार थोड़ा संभल सकता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत मुक्त व्यापार समझौतों पर काम कर रहा है और घरेलू बाजार में मांग भी बढ़ रही है, जिससे उत्पादकों को राहत मिल सकती है।
भारतीय निर्यातक कर रहे हैं मदद की मांग
भारतीय झींगा निर्यातकों ने सरकार से शून्य ब्याज पर कर्ज की मांग की है ताकि उत्पादकों से झींगा खरीदा जा सके और उनकी आय पर असर न पड़े। भारत हर साल दुनिया को करीब 60,000-62,000 करोड़ रुपये के समुद्री उत्पादों का निर्यात करता है। इसमें अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। मैरीन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (MPEDA) के अनुसार, वर्ष 2023-24 में भारत ने 7.16 लाख टन फ्रोजन झींगे का निर्यात किया, जिसकी कीमत 4.88 अरब डॉलर रही। इसमें से लगभग 2.97 लाख टन झींगा अमेरिका भेजा गया, जो कुल निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा है।
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