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Uttarakhand Cabinet Clears Poultry Feed Subsidy In Hill Districts Green Signal For Electric Buses In Dehradun
उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: पर्वतीय जिलों में लागू होगी कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना, किसानों को क्या फायदा
गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा
Published by: Himanshu Mishra
Updated Thu, 11 Sep 2025 12:28 PM IST
सार
अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत, पौड़ी, बागेश्वर, टिहरी और रुद्रप्रयाग जैसे नौ पर्वतीय जिलों में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक साल के लिए लागू होगी।
उत्तराखंड में कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना शुरू होगी।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें सबसे बड़ा फैसला पर्वतीय जिलों में कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना लागू करने का रहा। इस कदम का उद्देश्य पोल्ट्री मीट और अंडों के उत्पादन को बढ़ावा देना और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना है।
पर्वतीय जिलों के कुक्कुट पालकों को राहत
अल्मोड़ा, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, चंपावत, पौड़ी, बागेश्वर, टिहरी और रुद्रप्रयाग जैसे नौ पर्वतीय जिलों में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर एक साल के लिए लागू होगी।
ब्रायलर पालन के लिए 29.5% सब्सिडी
क्रायलर पालन के लिए 11.28% सब्सिडी दी जाएगी।
योजना के तहत ब्रायलर फार्म में 816 लाभार्थियों और पोल्ट्री वैली में 781 लाभार्थियों को शामिल करने का लक्ष्य है। सरकार ने इसके लिए 2.83 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया है।
देहरादून में सुधरेगी यातायात व्यवस्था
कैबिनेट ने देहरादून शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी बड़ा कदम उठाया। देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड नाम से एक विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) का गठन होगा। इसके जरिए ई-बसों का संचालन किया जाएगा। वर्तमान नगर बस सेवा को भी सुव्यवस्थित करने का काम यह संस्था करेगी।
अन्य फैसले
उत्तराखंड सेवा का अधिकार का नौवां वार्षिक प्रतिवेदन 2023-24 विधानसभा पटल पर रखा जाएगा।
ऊधमसिंह नगर जिले में रुद्रपुर तहसील के फाजलपुर महरौला गांव की 9.918 हेक्टेयर भूमि को सर्किल रेट पर जिला विकास प्राधिकरण को आवंटित करने का निर्णय लिया गया।
नैनीताल उच्च न्यायालय के महाधिवक्ता कार्यालय में वरिष्ठ प्रमुख निजी सचिव और आशुलिपिक के पद सृजित करने को मंजूरी दी गई।
अप्रैल 2025 में भोपाल और नैनीताल उच्च न्यायालय सहयोग से आयोजित उत्तर क्षेत्रीय सम्मेलन के वाहन व्यय भुगतान में छूट की मंजूरी दी गई।
महत्व क्यों है यह फैसला?
यह निर्णय एक ओर जहां पर्वतीय जिलों के युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर देगा, वहीं दूसरी ओर राज्य की पोल्ट्री उत्पादकता भी बढ़ाएगा। इसके अलावा देहरादून में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत राज्य की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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