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Egg prices: अंडों की कीमतों में उछाल; सर्दी, उत्पादन में गिरावट और निर्यात ने बढ़ाई महंगाई

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Thu, 25 Dec 2025 09:52 AM IST
सार

देश में अंडों की कीमतों ने आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। सर्दियों में बढ़ी खपत, उत्पादन में गिरावट और निर्यात मांग के दबाव के चलते अंडे की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। हालात ऐसे हैं कि कई बड़े शहरों में एक अंडा ₹10 तक बिक रहा है। हालांकि, उपभोक्ताओं को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है, लेकिन पोल्ट्री किसान अब भी लागत के मुकाबले कम दाम मिलने की शिकायत कर रहे हैं।

अंडा
अंडा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देशभर में अंडों की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत में सर्दी बढ़ने के साथ अंडों की मांग में इजाफा हुआ है, वहीं सप्लाई में कमी के कारण बाजार में ‘एगफ्लेशन’ की स्थिति बन गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ इलाकों में एक अंडा ₹10 तक बिक रहा है, जबकि हैदराबाद में कीमत ₹8 और चेन्नई में करीब ₹7.50 प्रति अंडा पहुंच चुकी है। फिटनेस और प्रोटीन को लेकर जागरूकता बढ़ने से भी शहरी इलाकों में अंडों की मांग लगातार बढ़ रही है। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी अंडों की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

थोक कीमतों में भी तेज उछाल
नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त से फार्म गेट कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। नवंबर-दिसंबर में प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में अंडों का मासिक सूचकांक ₹700 प्रति 100 अंडे के पार पहुंच गया, जो तीन महीने पहले करीब ₹550 प्रति 100 अंडे था।

श्रीनिवासा फार्म्स के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेश चित्तूरी का कहना है कि अंडों के ऊंचे दाम मार्च तक बने रह सकते हैं, हालांकि उसके बाद कुछ नरमी आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक बाजारों की तुलना में भारत में अंडों की कीमतें अब भी कम हैं।

किसान अब भी असंतुष्ट
इतनी महंगाई के बावजूद पोल्ट्री किसानों को उनकी लागत के अनुरूप दाम नहीं मिल पा रहे हैं। तमिलनाडु एग पोल्ट्री फार्मर्स मार्केटिंग सोसाइटी (TNEPFMS) के अध्यक्ष वांगिली सुब्रमण्यम के अनुसार, किसानों को फार्म गेट पर ₹6.50 से भी कम प्रति अंडा मिल रहा है।

उत्पादन में गिरावट, मांग में उछाल
घरेलू बाजार में अंडों की कमी का मुख्य कारण उत्पादन में गिरावट है। सर्द मौसम के चलते खपत बढ़ गई है, वहीं अमेरिका में अंडों की कमी के कारण वहां निर्यात बढ़ा है। इसके अलावा खाड़ी देशों से भी अंडों की लगातार मांग बनी हुई है। तमिलनाडु का नमक्कल, जो रोजाना करीब 6 करोड़ अंडों का उत्पादन करता है, वहां 23 दिसंबर को अंडों की खरीद कीमत ₹6.40 प्रति अंडा के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। नमक्कल देश के कई हिस्सों के अलावा ओमान, कतर, यूएई और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों को भी अंडों की आपूर्ति करता है।

चारे की समस्या से बढ़ा संकट
उद्योग सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में लगातार बारिश के कारण मक्का जैसे चारे की गुणवत्ता प्रभावित हुई, जिससे फंगल संक्रमण बढ़ा और उत्पादन में 7–10 प्रतिशत तक गिरावट आई। सर्दियों की खपत, त्योहारों की मांग और निर्यात ऑर्डर के चलते रोजाना 20–30 लाख अतिरिक्त अंडों की मांग पैदा हुई, जिससे कीमतों पर और दबाव बढ़ा।

आगे क्या राहत मिलेगी?
फिलहाल एक अंडे की उत्पादन लागत ₹4.50–4.75 के आसपास है, जिसमें चारे की हिस्सेदारी 60–70 प्रतिशत है। पोल्ट्री उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि जनवरी से उत्पादन सामान्य होने लगेगा, जिससे कीमतों में कुछ स्थिरता आ सकती है। सीएलएफएमए ऑफ इंडिया के चेयरमैन दिव्य कुमार गुलाटी के अनुसार, नए साल में सप्लाई की स्थिति धीरे-धीरे सुधरेगी और इससे अंडों की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है।