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Animal Husbandry: पशु खरीदने जा रहे हैं? जानें ठगी से बचने और असली दुधारू जानवर पहचानने के अचूक तरीके

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 26 Dec 2025 04:06 PM IST
सार

पशु मेलों या बाजारों में अनुभव की कमी होने पर किसान ठगी का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में पशु की खरीद करते समय कुछ चीजों का ध्यान रखना काफी अहम है।
 

पशु खरीदने में ठगी से बचने के लिए किसान ये उपाय अपनाएं।
पशु खरीदने में ठगी से बचने के लिए किसान ये उपाय अपनाएं। - फोटो : AI

विस्तार

पशु मेलों या बाजारों में अनुभव की कमी होने पर किसान ठगी का शिकार हो सकते हैं। ऐसे में पशु की खरीद करते समय कुछ चीजों का ध्यान रखना काफी अहम है।

चमक-दमक पर न जाएं, सेहत परखें
बाजार में पशु खरीदते समय केवल उसकी सुंदरता नहीं देखनी चाहिए। एक स्वस्थ पशु की पहचान उसके व्यवहार से होती है। स्वस्थ गाय या भैंस हमेशा सतर्क रहती है, उसकी त्वचा चमकदार और मुलायम होती है और आंखें तेज होती हैं। अगर कोई पशु झुंड में सबसे पीछे मंद गति से चल रहा हो, सुस्त दिखाई दे रहा हो या खाना-पीना कम कर रहा हो, तो वह बीमार हो सकता है। इसके अलावा, अगर पशु के नाक या आंखों से पानी या मवाद आ रहा हो, पसलियां दिख रही हों या वह लंगड़ा कर चल रहा हो, तो ऐसे पशु को खरीदने से बचने की सलाह दि चाहिए। यह अस्वस्थता के साफ संकेत हैं।

दूध उत्पादन मापने का तीन दिन वाला नियम
पशु खरीदने का सबसे बड़ा मकसद दूध उत्पादन होता है, और यहीं पर सबसे ज्यादा धोखा होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कभी भी एक बार का दूध देखकर फैसला न करें। कई बार विक्रेता ऑक्सीटोसिन या दूसरी दवाएं देकर एक बार में अधिक दूध दिखा देते हैं। इस स्थिति से बचने के लिए किसान भाइयों को लगातार तीन दिन तक पशु का दूध माप कर देखना चाहिए। इसके अलावा, पशु की वंशावली और किसी संगठित फार्म के आंकड़ों पर गौर करना चाहिए। शांत स्वभाव के पशु खरीदना हमेशा लाभप्रद होता है, क्योंकि लात मारने वाले या दीवार चाटने जैसी बुरी आदतों वाले पशुओं की उत्पादन क्षमता अक्सर कम पाई गई है।

मेलों में होता है धोखा
पशु मेलों में कीमत बढ़ाने के लिए पशुओं को कम उम्र का और आकर्षक दिखाने के लिए कई हथकंडे अपनाए जाते हैं। इसमें सींगों और खुरों को रंगना, उन्हें घिसकर छोटा और चिकना बनाना, और आंखों में सुरमा या काजल लगाना शामिल है।

हैरानी की बात यह है कि कुछ विक्रेता पशु को चुस्त दिखाने के लिए उसके मलाशय में मिर्च भर देते हैं या नशीली वस्तु खिला देते हैं। थनों को बड़ा दिखाने के लिए उनमें हवा भर दी जाती है या गाय के साथ किसी और का बछड़ा खड़ा कर दिया जाता है। उम्र छिपाने के लिए अक्सर झूठ बोला जाता है, इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे पशु के दांतों की जांच करके ही उसकी सही उम्र का अंदाजा लगाएं।

शरीर की बनावट में छिपा है ज्यादा दूध का राज
विशेषज्ञों के अनुसार, एक अनुभवी व्यक्ति केवल पशु की शारीरिक बनावट देखकर उसकी क्षमता भांप सकता है। दुधारू गाय या भैंस का शरीर त्रिकोणीय होना चाहिए। उसकी गर्दन पतली और लंबी, तथा त्वचा के नीचे की शिराएं पूर्ण विकसित होनी चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'अयन' (udder) है, जो बड़ा और मुलायम होना चाहिए तथा शरीर से मजबूती से जुड़ा होना चाहिए। लटकने वाला अयन खराब माना जाता है। थनों के बीच बराबर दूरी और खुला छिद्र अच्छे दुधारू पशु की निशानी है। साथ ही, पशु की छाती चौड़ी होनी चाहिए, जो उसके मजबूत फेफड़ों और हृदय का संकेत देती है।