Home›Fisheries›
India Boosts Climate Resilient Marine Fisheries With 100 Coastal Villages Sustainable Practices
Fisheries: जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारतीय समुद्री मत्स्य क्षेत्र में बड़े कदम, सरकार की पूरी प्लानिंग
गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा
Published by: Himanshu Mishra
Updated Wed, 20 Aug 2025 03:35 PM IST
सार
सतत और पर्यावरण अनुकूल मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृत्रिम रीफ (Artificial Reefs) बनाए जा रहे हैं और सी-रैंचिंग व रिवर-रैंचिंग से देशी मछली प्रजातियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
ट्राउट मछली
- फोटो : सोशल मीडिया
Link Copied
विस्तार
भारत में समुद्री मछली उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। 2020-21 में यह 34.76 लाख टन था, जो 2023-24 में बढ़कर 44.95 लाख टन हो गया। यानी करीब 8.9% की वार्षिक औसत वृद्धि दर्ज की गई। ICAR–सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में किए गए आकलन में 91.1% समुद्री मछली स्टॉक स्थायी और सुरक्षित पाए गए।
जलवायु परिवर्तन पर वैज्ञानिक अध्ययन
ICAR और इसकी अनुसंधान इकाइयाँ जलवायु परिवर्तन का असर मछली पालन और जलीय पारिस्थितिकी पर जानने के लिए लगातार वैज्ञानिक अध्ययन कर रही हैं। इसमें नदी घाटियों में जलवायु रुझान, असम, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और केरल की झीलों की मत्स्य पालन क्षमता, मछलियों की प्रजातियों का फैलाव, उत्पादन और पकड़ पर असर का मूल्यांकन शामिल है। साथ ही ब्लू कार्बन, समुद्री अम्लीकरण (Ocean Acidification), कार्बन फुटप्रिंट, और जलवायु अनुकूल प्रबंधन रणनीतियों पर शोध हो रहा है।
पीएम मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) की भूमिका
सतत और पर्यावरण अनुकूल मत्स्य पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। कृत्रिम रीफ (Artificial Reefs) बनाए जा रहे हैं और सी-रैंचिंग व रिवर-रैंचिंग से देशी मछली प्रजातियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार ने 100 तटीय मछुआरा गांवों को क्लाइमेट-रेजिलिएंट कोस्टल फिशरमेन विलेज (CRCFV) बनाने का बड़ा अभियान शुरू किया है। प्रत्येक गांव के लिए ₹200 लाख की लागत स्वीकृत की गई है। पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन कर रही है। इन गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त और जलवायु अनुकूल बनाने पर फोकस है।
ढांचा और सुविधाएं
58 आधुनिक मछली बंदरगाह और फिश लैंडिंग सेंटर बनाने/अपग्रेड करने पर ₹3281.31 करोड़ की मंजूरी।
734 आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज, 192 फिश मार्केट, 21 थोक मछली बाजार और 134 वैल्यू-एडेड यूनिट्स बनाने के लिए ₹1568.11 करोड़ की स्वीकृति।
मछली के परिवहन और बिक्री के लिए 27,297 यूनिट्स (रेफ्रिजरेटेड/इंसुलेटेड ट्रक, लाइव फिश वेंडिंग सेंटर्स, ऑटो, मोटरसाइकिल, साइकिल आदि) की व्यवस्था पर ₹835.27 करोड़ खर्च।
"सागर मित्र" तटीय गांवों में मछुआरों को साफ-सुथरे तरीके से मछली पकड़ने और सुरक्षित भंडारण के बारे में जागरूक कर रहे हैं।
प्रशिक्षण और जागरूकता
मरीन प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (MPEDA) ने NETFISH नेटवर्क के जरिए 2007 से अब तक 45,500 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए। इनसे करीब 15 लाख मछुआरे लाभान्वित हुए हैं।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।