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Nandini Dairy: नंदिनी दूध और डेयरी उत्पादों की कीमतें घटीं, उपभोक्ताओं को मिलेगा GST सुधार का सीधा फायदा

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Mon, 22 Sep 2025 12:46 PM IST
सार

कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) का कहना है कि जीएसटी सुधारों से इनपुट लागत घटी है, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को दिया जा रहा है। खासकर मध्यमवर्गीय परिवार, जो रोज़ाना दूध और डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, अब अपनी जेब पर बोझ कम महसूस करेंगे।

नंदिनी दूध
नंदिनी दूध - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में हुए कर सुधारों का असर अब उपभोक्ताओं की जेब पर साफ दिखने लगा है। कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) के ब्रांड नंदिनी ने दूध और दूध से बने 21 उत्पादों के दाम घटा दिए हैं। नई कीमतें सोमवार, 22 सितंबर से लागू होंगी। नंदिनी के दायरे में आने वाले इन उत्पादों में घी, मक्खन, पनीर, दूध, आइसक्रीम, चीज़, कुकीज़, केक और ड्रिंक्स शामिल हैं। नई दरों के तहत पैक किए गए डेयरी प्रोडक्ट्स की कीमत में औसतन 7 से 10 फीसदी तक की कमी की गई है।

घटे दामों की लिस्ट (कुछ प्रमुख उत्पाद)
उत्पाद पहले कीमतें (रुपये) नई कीमतें (रुपये)
घी (1000 ml पाउच) 650 610
अनसाल्टेड बटर (500 gm) 305 286
पनीर (1 किलो) 425 408
गुडलाइफ मिल्क (1000 ml) 70 68
मोज़रेला चीज़ (1 किलो) 480 450
वनीला आइसक्रीम टब (1000 ml) 200 178
फैमिली पैक आइसक्रीम (5000 ml) 645 575
केक (200 gm) 110 98
जलेबी मिक्स (200 gm) 80 71
राइस क्रिस्पी मिल्क चॉकलेट (80 gm) 65 58

(कुल 21 उत्पादों की कीमतों में कटौती की गई है।)

क्यों किए गए ये बदलाव?
जीएसटी सुधार 2025 के तहत सरकार ने टैक्स ढांचे को सरल बनाने और उपभोक्ताओं को राहत देने का बड़ा फैसला किया। अब चार स्लैब की जगह केवल दो स्लैब रह गए हैं यानी 5% और 18%। पहले 28% टैक्स वाले करीब 90% उत्पादों को 18% स्लैब में लाया गया। 12% स्लैब के लगभग 99% उत्पादों को 5% स्लैब में कर दिया गया। केवल लग्जरी और सिन गुड्स जैसे बड़ी कारें, प्राइवेट जेट और तंबाकू उत्पादों पर 40% टैक्स लगेगा।

इस कदम का मकसद है-
  • उपभोग बढ़ाना,
  • उद्योग की प्रतिस्पर्धा मजबूत करना,
  • और मध्यम वर्ग को राहत देना।
  • भारत के उपभोक्ताओं को सीधा लाभ

KMF का कहना है कि जीएसटी सुधारों से इनपुट लागत घटी है, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को दिया जा रहा है। खासकर मध्यमवर्गीय परिवार, जो रोज़ाना दूध और डेयरी उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं, अब अपनी जेब पर बोझ कम महसूस करेंगे।