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मणिपुर डेयरी, जिसे इस साल अप्रैल से नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) ने अपने प्रबंधन में लिया है, अब अक्टूबर से असम राइफल्स को दूध की सप्लाई शुरू करने जा रहा है। यह कदम न केवल सैनिकों के लिए विश्वसनीय दूध आपूर्ति सुनिश्चित करेगा, बल्कि राज्य के किसानों को भी स्थिर बाज़ार उपलब्ध कराएगा। राजभवन, इम्फाल में आयोजित कार्यक्रम में NDDB चेयरमैन मीनेश शाह और मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने नए ब्रांड और लोगो का अनावरण किया।
किसानों को स्थिर बाज़ार और आर्थिक मजबूती
NDDB की इस पहल से मणिपुर के दुग्ध उत्पादक किसानों को नियमित आय और बेहतर दाम मिलेंगे। शाह ने कहा कि असम राइफल्स को सप्लाई शुरू होने से किसानों के लिए एक भरोसेमंद बाज़ार तैयार होगा।
NDDB ने दिया सहयोग
तीन करोड़ का अनुदान और पांच करोड़ का ब्याज-मुक्त ऋण RPPOI योजना के तहत दिया गया। लंबित किसान बकाया चुकाने, प्रोसेसिंग सुविधाओं को अपग्रेड करने और कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने में मदद। वरिष्ठ अधिकारी इम्फाल में तैनात किए गए हैं ताकि संचालन, गवर्नेंस और प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन को मज़बूती मिल सके।
नए उत्पाद और डिजिटल पहल
- नए दूध उत्पाद लॉन्च: काउ स्पेशल मिल्क (500 ml), हेल्थ प्लस डबल टोंड मिल्क (150 ml)।
- वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स: प्रोबायोटिक दही, स्पेशल लस्सी, काउ घी।
- डिजिटल टूल्स: ऑटोमेटेड मिल्क कलेक्शन सिस्टम (AMCS) और डेयरी ERP प्लेटफॉर्म लॉन्च।
- किसानों को सीधे बैंक खातों में डिजिटल भुगतान मिलेगा।
- ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण
- काकचिंग जिले में 2 KL बल्क मिल्क चिलिंग सेंटर का उद्घाटन।
- व्हाइट रिवॉल्यूशन 2.0 के तहत 5 नई महिला डेयरी सहकारी समितियों का गठन।
- महिलाओं को उद्यमिता, डिजिटल बैंकिंग और आधुनिक डेयरी उपकरणों से सशक्त बनाने की पहल।
मणिपुर की डेयरी क्षमता
राज्यपाल भल्ला ने कहा कि मणिपुर के पास अनुकूल जलवायु और 2.6 लाख पशुओं की आबादी के चलते डेयरी क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं। NDDB के सहयोग से “मिल्क एंड मोर” रिटेल बूथ खोलने की भी योजना है ताकि उपभोक्ताओं तक आसानी से पहुंच बनाई जा सके।