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भारत का डंका: दुनिया की नंबर-1 सहकारी संस्था बनी अमूल, इफको दूसरे नंबर पर, शाह बोले- यह गौरव का क्षण

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Wed, 05 Nov 2025 10:20 AM IST
सार

अमूल और इफको का यह सम्मान भारतीय सहकारी आंदोलन के लिए एक मील का पत्थर है। यह न केवल किसानों की मेहनत और आत्मनिर्भरता की जीत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि “सहकार से समृद्धि” (Prosperity through Cooperation) का भारतीय मॉडल आज भी विश्व के लिए प्रेरणा बना हुआ है।
 

अमूल और इफको ने दुनिया में किया भारत का नाम रोशन।
अमूल और इफको ने दुनिया में किया भारत का नाम रोशन। - फोटो : AI

विस्तार

भारत की डेयरी दिग्गज कंपनी अमूल (Amul) और उर्वरक क्षेत्र में काम करने वाली भारतीय कृषक उर्वरक सहकारी लिमिटेड (IFFCO) ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। इंटरनेशनल कोऑपरेटिव एलायंस (ICA) द्वारा जारी वर्ल्ड कोऑपरेटिव मॉनिटर 2025 रिपोर्ट में अमूल को प्रति व्यक्ति जीडीपी प्रदर्शन के आधार पर दुनिया की नंबर-1 सहकारी संस्था (World’s Leading Cooperative) का दर्जा मिला है। इस मामले में इफको को दूसरा नंबर हासिल हुआ है। 

यह घोषणा दोहा, कतर में आयोजित ICA CM50 कॉन्फ्रेंस में की गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमूल की यह उपलब्धि उसकी लगातार वृद्धि, नवाचार और “लोग पहले (People First)” की भावना पर आधारित व्यावसायिक दृष्टिकोण का परिणाम है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने खुशी जताई है। उन्होंने इसे भारत के लिए गौरव का क्षण बताया। 

अमूल: किसानों की ताकत से बनी वैश्विक पहचान
गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (GCMMF), जो अमूल ब्रांड की मालिक है, ने अपनी पूरी यात्रा किसानों के नेतृत्व में तय की है। GCMMF के प्रबंध निदेशक जयन मेहता ने कहा, “अमूल पूरी तरह किसानों की स्वामित्व वाली संस्था है। दूध संग्रह से लेकर प्रोसेसिंग और मार्केटिंग तक का सारा काम किसान ही संभालते हैं। हमारा मॉडल सिर्फ अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि यह गरीबी उन्मूलन, लैंगिक समानता और सतत समुदायों के विकास जैसे कई संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (UN SDGs) को भी आगे बढ़ाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “अमूल की असली पूंजी दूध नहीं, बल्कि भरोसा (Trust) है — करोड़ों उत्पादकों और अरबों उपभोक्ताओं का विश्वास। यह सम्मान न सिर्फ अमूल परिवार के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि भारत के सहकारी आंदोलन की शक्ति और हमारे संस्थापकों की सामूहिक समृद्धि की दृष्टि का प्रमाण भी है।”

IFFCO: किसानों का भरोसेमंद सहकारी समूह
इफको यानी Indian Farmers Fertiliser Cooperative Limited भारत की सबसे बड़ी मल्टी-स्टेट सहकारी समिति है, जो देशभर के किसानों को उर्वरक और कृषि सेवाएं उपलब्ध कराती है। 1967 में स्थापित IFFCO के साथ आज 35,000 से अधिक सहकारी समितियां जुड़ी हुई हैं। यह सिर्फ फर्टिलाइजर उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल ग्रामीण सेवाओं, सस्टेनेबल फार्मिंग और जलवायु-अनुकूल परियोजनाओं में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

विश्व सहकारी मंच पर भारत का परचम
इंटरनेशनल कोऑपरेटिव एलायंस (ICA) जिसका मुख्यालय ब्रसेल्स (Brussels) में है, विश्वभर की सहकारी संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करता है और स्थायी व्यापार मॉडल को प्रोत्साहित करता है। हर साल जारी होने वाली वर्ल्ड कोऑपरेटिव मॉनिटर रिपोर्ट को EURICSE (European Research Institute on Cooperative and Social Enterprises) के सहयोग से तैयार किया जाता है। यह रिपोर्ट दुनिया की प्रमुख सहकारी संस्थाओं के आर्थिक और सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण करती है।

दोहा में ऐतिहासिक घोषणा
दोहा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के दूसरे सामाजिक शिखर सम्मेलन (Second UN Social Summit 2025) में विश्व नेताओं ने सहकारी संस्थाओं की भूमिका को मान्यता देते हुए एक राजनीतिक घोषणा-पत्र (Political Declaration) अपनाया। इसमें कहा गया कि सहकारी संस्थाएं गरीबी उन्मूलन, सामाजिक समावेश, रोजगार सृजन और सामाजिक परिवर्तन में केंद्रीय भूमिका निभा रही हैं।

इसी सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 (International Year of Cooperatives 2025) का औपचारिक समापन भी किया गया। नेताओं ने यह निर्णय लिया कि हर दस वर्ष में एक बार अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया जाएगा, ताकि वैश्विक स्तर पर सहकारी मॉडल को और मजबूती दी जा सके।

अमूल की उपलब्धि का महत्व
अमूल का यह सम्मान भारतीय सहकारी आंदोलन के लिए एक मील का पत्थर है। यह न केवल किसानों की मेहनत और आत्मनिर्भरता की जीत है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि “सहकार से समृद्धि” (Prosperity through Cooperation) का भारतीय मॉडल आज भी विश्व के लिए प्रेरणा बना हुआ है।

शाह बोले- भारत के लिए गौरव का क्षण
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''यह भारत के लिए गौरव का क्षण। अमूल और इफ्को को विश्व की शीर्ष दस सहकारी समितियों में प्रथम दो स्थान प्राप्त करने के लिए हार्दिक बधाई। यह अमूल से जुड़ी लाखों महिलाओं और इफको में योगदान देने वाले किसानों के अथक समर्पण का सम्मान है। यह सहकारी समितियों की असीम क्षमता का भी प्रमाण है, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के एक वैश्विक मॉडल में परिवर्तित किया जा रहा है।''