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Dairy Tips: सर्दियों की दस्तक, दूध उत्पादन घटने की चिंता? अभी करें इस हरे चारे की बुवाई, बंपर उपज पाने का राज

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 16 Nov 2025 11:45 AM IST
सार

सर्दियों की दस्तक के साथ ही पशुपालकों की बड़ी चिंता दूध उत्पादन में आने वाली कमी होती है। ठंड के मौसम में गाय और भैंसों का दूध अक्सर घट जाता है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। 

ठंड के मौसम में पशुओं के लिए बेहतरीन हरा चारा।
ठंड के मौसम में पशुओं के लिए बेहतरीन हरा चारा। - फोटो : गांव जंक्शन

विस्तार

सर्दियों की दस्तक के साथ ही पशुपालकों की बड़ी चिंता दूध उत्पादन में आने वाली कमी होती है। ठंड के मौसम में गाय और भैंसों का दूध अक्सर घट जाता है, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। लेकिन, इस चुनौती से निपटने के लिए एक सस्ता और पौष्टिक चारा आपकी मदद कर सकता है, जिसका नाम है बरसीम। इसे चारा फसलों का राजा भी कहा जाता है और वैज्ञानिक विधि से इसकी खेती करके पशुपालक सर्दियों में भी दूध का अच्छा उत्पादन ले सकते हैं।

क्यों है बरसीम चारे का राजा?
बरसीम पशुओं के लिए बेहद पौष्टिक चारा है। इसमें 20 से 21 प्रतिशत तक प्रोटीन, 1 से 2 प्रतिशत कैल्शियम और 0.28 प्रतिशत फॉस्फोरस पाया जाता है। ये सभी पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के लिए जरूरी है। यह सर्दियों के मौसम में पशुपालकों के लिए सबसे सस्ता और प्रभावी चारा साबित होता है। इतना ही नहीं, इसकी फसल कटने के बाद खेत की मिट्टी भी अगली फसल के लिए उपजाऊ हो जाती है।

वैज्ञानिक खेती से पाएं बंपर पैदावार
विशेषज्ञों के अनुसार, किसान जनवरी तक बरसीम की बुवाई कर सकते हैं। इसकी उन्नत किस्मों जैसे वरदान, मेस्कावी, पूसा जाइंट, और बी. एल 1 का चुनाव करके बेहतर पैदावार ली जा सकती है।

बुवाई का सही तरीका
एक हेक्टेयर खेत के लिए 25 से 30 किलो बीज काफी होता है। बुवाई से पहले बीजों को कार्बेन्डाजिम और राइजोबियम से उपचारित करने की सलाह दी जाती है। खेत में बुवाई से पहले 250 से 300 क्विंटल कम्पोस्ट के साथ यूरिया और डीएपी या सिंगल सुपर फॉस्फेट का इस्तेमाल करना चाहिए। बरसीम की बुवाई के लिए छिटकवां विधि सबसे अच्छी मानी जाती है और इसे शाम के समय करना चाहिए। बुवाई के लगभग 20 दिन बाद पहली सिंचाई करनी चाहिए। इस फसल में कुल 8 से 9 सिंचाई की जरूरत पड़ती है।

कटाई और उत्पादन का गणित
बरसीम की पहली कटाई बुवाई के 50 से 55 दिनों के बाद की जा सकती है। इसके बाद हर 25 से 30 दिनों के अंतराल पर अगली कटाई की जा सकती है। एक जरूरी बात यह है कि हर कटाई के बाद खेत में प्रति हेक्टेयर 30 से 40 किलो यूरिया का छिड़काव करना चाहिए। इस वैज्ञानिक विधि को अपनाकर किसान एक हेक्टेयर जमीन से 800 से 1000 क्विंटल तक हरे चारे का उत्पादन आसानी से कर सकते हैं।

पशुओं को खिलाने में बरतें यह सावधानी
पशुपालकों को ध्यान रखना चाहिए कि पशुओं को सिर्फ बरसीम का चारा नहीं खिलाना है। अकेले बरसीम खिलाने से पशुओं का पेट फूल सकता है, जो उनके लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए, इसे हमेशा सूखे भूसे और दाने के साथ मिलाकर ही देना चाहिए।

ये भी जानें

  • बरसीम के अलावा किसान इस मौसम में जई की बुवाई भी कर सकते हैं।

  • हर तीन दिन में गाय या भैंस को 30 से 40 ग्राम भीगी हुई मेथी दाने में मिलाकर दें।

  • पशुओं को हर तीन दिन के अंतराल पर 250 ग्राम गुड़ खिलाना भी फायदेमंद होता है।