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Tractor Sales: ट्रैक्टर बिक्री ने पकड़ी रफ्तार, अच्छे मानसून, GST राहत और त्योहारों की आहट से बढ़ी खरीदारी

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Mon, 15 Sep 2025 10:36 AM IST
सार

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेगा। ट्रैक्टराइजेशन और मैकेनाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा। किसान कम समय में ज्यादा उत्पादन कर पाएंगे। कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का प्रसार होगा।

ट्रैक्टर बिक्री में आया उछाल
ट्रैक्टर बिक्री में आया उछाल - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत की कृषि अर्थव्यवस्था की धड़कन माने जाने वाले ट्रैक्टर बाजार ने एक बार फिर जोरदार उछाल पकड़ा है। यह केवल वाहनों की बिक्री का आंकड़ा नहीं है, बल्कि सीधे तौर पर किसानों की जेब की मजबूती, उनकी उम्मीदों और खेती की स्थिति को दर्शाता है। जब किसान आत्मविश्वास से भर जाते हैं और मौसम व बाजार का रुख अनुकूल रहता है, तो वे बड़ी खरीदारी करने में पीछे नहीं रहते। यही वजह है कि इस बार ट्रैक्टर बिक्री तेजी से ऊपर जा रही है।

बेहतर मानसून, फसलों की रिकॉर्ड बुवाई, त्योहारों का जल्दी आना और जीएसटी में कटौती जैसे फैसलों ने मिलकर किसानों का भरोसा बढ़ाया है। नतीजा यह है कि अप्रैल-अगस्त 2025 के बीच ट्रैक्टर बिक्री में 11.6% की छलांग लग चुकी है और संकेत हैं कि चालू वित्त वर्ष के अंत तक यह पहली बार 10 लाख यूनिट का आंकड़ा पार कर जाएगी।

बिक्री के आंकड़े
  • वित्त वर्ष 2022-23 में ट्रैक्टर बिक्री 9.45 लाख यूनिट तक पहुंच गई थी।
  • 2023-24 में कमजोर मानसून के कारण यह घटकर 8.76 लाख यूनिट रह गई।
  • लेकिन 2024-25 में बेहतर बारिश के चलते बिक्री ने फिर उछाल पकड़ा और 9.40 लाख यूनिट बिकी।
  • चालू वित्त वर्ष (अप्रैल-अगस्त 2025) में बिक्री में 11.6% की वृद्धि दर्ज की गई है और अनुमान है कि 2025-26 में यह पहली बार 10 लाख यूनिट का आंकड़ा पार कर सकती है।

क्यों बढ़ रही है ट्रैक्टर बिक्री?
  • बेहतर मानसून: इस बार जून से सितंबर तक देश में औसत से 7.1% अधिक बारिश हुई है। अधिकांश राज्यों में बारिश सामान्य या अधिक रही, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।
  • त्योहारों का जल्दी आगमन: रक्षाबंधन, गणेश चतुर्थी और नवरात्र जैसे त्योहार इस साल सामान्य से पहले आए हैं। किसान बड़ी खरीदारी इन्हीं अवसरों पर करते हैं, जिससे अगस्त से ही बिक्री में तेजी आई।
  • जीएसटी में बड़ी राहत: ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी पर जीएसटी दर 12% से घटाकर 5% कर दी गई है। इससे 45 हॉर्सपावर का ट्रैक्टर करीब ₹47,000 सस्ता हो जाएगा। स्क्वेयर बेलर पर लगभग ₹85,000 और शुगरकेन हार्वेस्टर पर करीब ₹5 लाख की बचत होगी।
लेकिन.... डीलरों की चिंता भी है
त्योहारों के लिए पहले से स्टॉक उठाने वाले डीलरों ने 12% जीएसटी पर ट्रैक्टर खरीदे हैं। अब 22 सितंबर से वही ट्रैक्टर 5% जीएसटी पर बेचे जाएंगे। इससे डीलरों पर टैक्स अंतर (7%) का बोझ आएगा। हालांकि, उद्योग ने सरकार से रिफंड का त्वरित प्रावधान करने की मांग की है ताकि उनकी कार्यशील पूंजी प्रभावित न हो।

दीर्घकालिक लाभ क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने के लिए प्रोत्साहित करेगा। ट्रैक्टराइजेशन और मैकेनाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा। किसान कम समय में ज्यादा उत्पादन कर पाएंगे। कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों का प्रसार होगा।