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Report: ट्रैक्टर उद्योग में 2026 में 4-7% वृद्धि की उम्मीद, अच्छा मानसून और ग्रामीण मांग बनेगी सहारा

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Wed, 03 Sep 2025 01:20 PM IST
सार

भारत का ट्रैक्टर बाजार 2025 में 8.4 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है और मध्यम अवधि में इसमें 6–7% की वार्षिक वृद्धि हो सकती है। 

ट्रैक्टर बिक्री
ट्रैक्टर बिक्री - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत का ट्रैक्टर उद्योग 2026 में एक बार फिर तेजी पकड़ने जा रहा है। रेटिंग एजेंसी आईसीआरए (ICRA) के ताजा आकलन के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में ट्रैक्टरों की बिक्री में 4–7% तक की वृद्धि होने का अनुमान है। इस बढ़त की बड़ी वजह अनुकूल मानसून, किसानों की बेहतर आमदनी और ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत मांग मानी जा रही है।

2025 की सुस्ती के बाद सुधार
पिछले वित्त वर्ष 2025 में उद्योग ने मामूली गिरावट दर्ज की थी, जब ट्रैक्टर बिक्री 1% घट गई थी। हालांकि, हाल के महीनों में बाज़ार ने तेजी से रिकवरी दिखाई है। जुलाई 2025 में थोक बिक्री 8% और खुदरा बिक्री 11% बढ़ी। मई 2025 में घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 9.12% उछली, जिसका श्रेय समय से पहले आए अच्छे मानसून और ग्रामीण मांग को गया।

वृद्धि के प्रमुख कारण
  • मानसून का साथ: भारतीय मौसम विभाग ने इस बार मानसून को सामान्य से ऊपर यानी 106% औसत वर्षा का अनुमान जताया है। इससे खरीफ की बुवाई और अन्य कृषि गतिविधियां मजबूत होंगी।
  • सरकारी सहयोग: सरकार ने 14 खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 1.4–12.5% तक बढ़ाया है। अनुमान है कि इससे किसानों की आमदनी में करीब 35,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी होगी।
  • खेती का बढ़ता उत्पादन: कृषि मंत्रालय के तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार, 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन में खरीफ फसलों में 7.9% और रबी फसलों में 4.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बाजार का आकार और प्रतिस्पर्धा
भारत का ट्रैक्टर बाजार 2025 में 8.4 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है और मध्यम अवधि में इसमें 6–7% की वार्षिक वृद्धि हो सकती है। महिंद्रा एंड महिंद्रा अभी भी उद्योग की सबसे बड़ी कंपनी है, जिसने FY2023 में लगभग 3.89 लाख यूनिट्स बेची थीं। 31–50 हॉर्स पावर (HP) वाले ट्रैक्टर सबसे ज्यादा बिकते हैं और इनकी हिस्सेदारी 46% है। यह श्रेणी छोटे और सीमांत किसानों (1–3 हेक्टेयर ज़मीन वाले) की जरूरतों को पूरा करती है।

अन्य प्रमुख कंपनियां: सोनालिका, स्वराज, एस्कॉर्ट्स और जॉन डियर।

नए नियम और तकनीक से मांग बढ़ेगी
TREM V उत्सर्जन मानक 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इसकी वजह से किसान पहले ही खरीदारी (pre-buying) कर सकते हैं। जीपीएस आधारित सिस्टम और वैरिएबल रेट टेक्नोलॉजी जैसी प्रिसिजन फार्मिंग तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जो ट्रैक्टरों की मांग को और बढ़ाएगा।

वित्तीय स्थिति मजबूत
आईसीआरए का कहना है कि ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी रहेगी। बिक्री बढ़ने, कच्चे माल की स्थिर कीमतें और बेहतर परिचालन लाभ से कंपनियों के मुनाफे पर सकारात्मक असर पड़ेगा। अधिकांश कंपनियों पर कर्ज का बोझ बहुत कम है और उनके पास पर्याप्त नकदी व मज़बूत बैलेंस शीट है।