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Research: IIVR ने बनाया मिट्टी का सुपरहीरो BC-6, किसानों के लिए वरदान साबित होगा, खास बातें

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Wed, 10 Sep 2025 02:53 PM IST
सार

वैज्ञानिकों का मानना है कि बढ़ती खाद की कीमतों और घटती मिट्टी की उर्वरता से जूझ रहे किसानों के लिए BC-6 किसी वरदान से कम नहीं है। खेती को आसान और किफायती बनाएगा। पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। मिट्टी की सेहत लंबे समय तक बनी रहेगी।
 

IIVR के वैज्ञानिकों ने चार साल की मेहनत से मिट्टी के लिए खास जैविक मिश्रण BC-6 तैयार किया है।
IIVR के वैज्ञानिकों ने चार साल की मेहनत से मिट्टी के लिए खास जैविक मिश्रण BC-6 तैयार किया है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

खेती में अब रासायनिक खादों पर पूरी तरह निर्भर रहने की जरूरत नहीं। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (IIVR), वाराणसी के वैज्ञानिकों ने चार साल की मेहनत से मिट्टी के लिए खास जैविक मिश्रण BC-6 तैयार किया है। इसे वैज्ञानिकों ने मिट्टी के "6 सुपरहीरो" नाम दिया है, जो न सिर्फ मिट्टी की उर्वरता बढ़ाएंगे, बल्कि पौधों की वृद्धि, गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी कमाल दिखाएंगे।

क्या है BC-6?
यह मिट्टी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले छह बैसिलस जीवाणुओं का मिश्रण है। यह फास्फोरस, पोटाश और जिंक जैसे पोषक तत्वों को घुलनशील बनाता है, ताकि पौधे आसानी से इन्हें ले सकें। पौधों को तनाव (सूखा, बीमारी) झेलने की ताकत देता है और उत्पाद की गुणवत्ता को बेहतर करता है। यह रासायनिक खादों का पर्यावरण-अनुकूल विकल्प है।

किसानों के लिए वरदान
वैज्ञानिकों का मानना है कि बढ़ती खाद की कीमतों और घटती मिट्टी की उर्वरता से जूझ रहे किसानों के लिए BC-6 किसी वरदान से कम नहीं है। खेती को आसान और किफायती बनाएगा। पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। मिट्टी की सेहत लंबे समय तक बनी रहेगी।

टमाटर की फसल में दिखा असर
IIVR ने BC-6 का फील्ड ट्रायल किया, जिसमें टमाटर की फसल में शानदार नतीजे मिले:
  • पौधों की ऊंचाई, जड़ों की लंबाई और तनों की मोटाई बढ़ी।
  • प्रत्येक पौधे से औसतन 3.72 किलो टमाटर का उत्पादन हुआ।
  • टमाटर में विटामिन C, लाइकोपीन और फ्लेवोनॉयड्स जैसे पोषक तत्व ज्यादा मिले।
  • पौधे कीटों और रोगों से ज्यादा सुरक्षित हुए, जिससे कीटनाशकों का खर्च भी घटा।

तीन रूपों में उपलब्ध
किसानों की सुविधा के लिए BC-6 को तीन रूपों में तैयार किया गया है:
  • तरल – बीज बोने से पहले बीज भिगोने में इस्तेमाल।
  • पाउडर – जड़ों को रोपाई से पहले डुबोने में।
  • दानेदार – पौधों पर छिड़काव करने में।

इन तीन तरीकों से किसान आसानी से फसल की पैदावार और गुणवत्ता दोनों को बढ़ा सकते हैं।

वैज्ञानिकों का क्या कहना है?
IIVR के निदेशक डॉ. राजेश कुमार का कहना है, “हमारा लक्ष्य किसानों को ऐसी तकनीक देना है, जिससे उनकी आय बढ़े और पर्यावरण भी सुरक्षित रहे। BC-6 उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।”